एक नगर में जाने किस बात पर दंगा भड़का कि दंगाई खून की होली खेलने लगे। वहां देखते-ही-देखते रक्तरंजित ...
कर्माजी की पत्नीश्री उसको ठिठुरती ठंड में झिंझोड़कर उठाई और खुद रजाई में दुबकते हुए नाराजगी जताई, ‘‘उठो भी; ...