अध्याय 7महेश चारों तरफ देखने लगा।दोनों को ठंड लगने लगी। धीरे-धीरे हाड़ कंपा देने वाली ठंड होने लगी। उनके ...
अध्याय 6जादुई, फूलों से लदे पेड़ से एकाएक सारे फूल झड़कर हवा में उड़ने लगे। दिन के वक्त अंधेरा ...
अध्याय 5उनकी नजर एक बेहद खूबसूरत इंसानी लड़की पर पड़ी, जो उन फूलों के बीच बैठी झील के पानी ...
अध्याय 4मीरा हल्का-सा मुस्कुराई। दिया चुप थी।मीरा: जी, अंकल। जरूर। वैसे आप यहाँ पापा के पास आते-जाते रहिएगा। क्योंकि ...
अध्याय 3दो दिन बीत गए। बिशम्बर को अब घर पर लाया गया था। वह बिस्तर पर ही था, पर ...
अध्याय 2मीरा भी अब असमंजस में थी कि आखिर हो क्या रहा है?वह चुपचाप फेरों के लिए खड़ी हो ...
Disclaimer:यह कहानी पूर्णतः काल्पनिक है। इसमें दिखाए गए सभी पात्र, घटनाएँ, स्थान और परिस्थितियाँ लेखक की कल्पना पर आधारित ...