भारत को आज़ाद हुए अभी कुछ ही वर्ष हुए थे। देश स्वतंत्र हो चुका था, लेकिन गाँवों की गरीबी अभी ...
भादो मांझी — वंश और विरासतभादो मांझी कई दिनों से मुँह फुलाए बैठा था।घर में उसकी बूढ़ी पत्नी के ...
उस समय की बात है, जब झारखंड बिहार से अलग नहीं हुआ था। गांवों में गरीबी और बेरोजगारी का ...
खोटा सिक्काफागुन का महीना था।आम के वृक्षों पर बौर आ चुके थे। पलाश के फूलों से पूरा गाँव मानो ...
धर्मराज की सभाप्रथम अध्याय : यमलोक की आपातकालीन सभापृथ्वी पर पाप, भ्रष्टाचार, छल, कपट और अन्याय का ऐसा अंधकार ...
(अहंकार से आत्मबोध तक की कथा)रमेश घोष एक प्रतिष्ठित आईआईटी इंजीनियर था।तेज बुद्धि, आधुनिक सोच और तर्कशील स्वभाव—वह उन ...