अध्याय 2: पुस्तकालय और लड़काज़िला पुस्तकालय हवेली से तीन किलोमीटर दूर था। पुरानी इमारत, टूटी सीढ़ियाँ, पंखे जो आवाज़ ...
शहर की सबसे ऊँची इमारत की 12वीं मंज़िल पर मेरा कमरा था। खिड़की से सिर्फ़ कंक्रीट, शोर और भागती ...
अध्याय 1: सोने का पिंजराहवेली बड़ी थी। इतनी बड़ी कि गौरी को बचपन में लगता था कि अगर वह ...