स्नोसिटी बिलकुल अपने नाम की तरह ही था। यहाँ अक्सर बर्फबारी होती रहती थी। ये शहर दिखने में जितना ...
अगले दिन उसकी नींद बाहर से आते शोर से खुली।बाहर से हँसने की आवाज़ें आ रही थीं।कुसुम ने अपना ...
एक घर… जो गहरे अंधेरे में डूबा था।चारों तरफ़ एक भयावह सन्नाटा पसरा हुआ था।सिर्फ़ घड़ी की टिक-टिक… टिक-टिक… ...
कमरे में सिर पकड़े बैठी कुसुम के ज़ेहन में ! बारह बरस पहले की यादों ने हल्के से दस्तक ...
कुसुम सामने बैठे शीशे में खुद को घूरे जा रही थी। उसने खुद को देखा ! लाल साड़ी, बड़े-बड़े ...