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डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 32

by Jyoti Prajapati
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अगली सुबह जब शहर की गलियों में लोग अपने काम के लिए निकल रहे थे, भूपेंद्र अपनी मर्यादा और ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 31

by Jyoti Prajapati
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बिस्तर पर अब सिर्फ वासना का खेल चरम पर था। भूपेंद्र ने काया के दोनों हाथों को अपने एक ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 30

by Jyoti Prajapati
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जिम के काम निपटाने के बाद वंशिका भारी मन से शबनम के बताए पते पर पहुँची। यह शहर की ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 29

by Jyoti Prajapati
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करीब एक घंटे बाद, जब मनोरमा और वंशिका की बहस थककर शांत हुई, तो घर में एक भारी सन्नाटा ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 28

by Jyoti Prajapati
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हॉल में बिखरी बेशर्मी की गूँज ने वंशिका के भीतर के धैर्य को राख कर दिया था। वह कमरे ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 27

by Jyoti Prajapati
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वंशिका ने एक नई रणनीति अपनाई। उसने घर पर रुकना कम कर दिया और अपना ज़्यादा से ज़्यादा समय ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 26

by Jyoti Prajapati
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वंशिका जानती थी कि लोग कहेंगे—"मर्द तो मासूम होता है, वह तो फिसल गया, औरत ने ही उसे संभाला ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 25

by Jyoti Prajapati
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वंशिका अपने अंधेरे कमरे में अकेले बैठी थी। पंखे की आवाज़ उसे किसी पुराने जख्म को कुरेदने जैसी लग ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 24

by Jyoti Prajapati
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शाम ढलते ही जब भूपेंद्र और काया घर लौटे, तो घर की हवा में एक अजीब सी भारीपन थी। ...

डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी - 23

by Jyoti Prajapati
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आधी रात के उस सन्नाटे में, जब भूपेंद्र और काया एक-दूसरे के वजूद में खोए हुए थे, अचानक पास ...