असली आरवआरव ने पीछे मुड़कर देखा।सड़क खाली थी।भैरवपुर…गायब हो चुका था।न मंदिर।न स्कूल।न वह पुराना गाँव।न उसकी माँ।कुछ भी ...
माँ जो कभी मरी ही नहीं“बेटा…”आवाज सुनते ही आरव की आँखें फैल गईं।वह आवाज…उसकी माँ की थी।वही आवाज जिसे ...
वो गाँव जो हर रात गायब हो जाता थाPart 4 — मंदिर के नीचे का रास्ता“पापा…”आवाज सुनते ही आरव ...
Part 3 — 1987 की तस्वीर में कौन था आरव?आईना टूट चुका था।कमरे के फर्श पर बिखरे हुए काँच ...
दूसरा भैरवपुरआरव कुछ सेकंड तक बिल्कुल स्थिर खड़ा रहा।उसके सामने जो चेहरा था…वह उसका अपना था।बिल्कुल वही आँखें।वही बाल।वही ...
Part 1 — जिस गाँव का रास्ता रात में खत्म हो जाता था बिहार के एक छोटे-से जिले में ...
हिंद महासागर के बीचों-बीच एक ऐसा टापू था, जो किसी भी नक्शे में नहीं मिलता था। समुद्र में भटकने ...
कुछ इश्क़ ऐसे होते हैं,जो कहे नहीं जाते…बस जिए जाते हैं।ये कहानी भी उसी इश्क़ की है —एक ऐसे ...
अंधेरी गुफ़ा – भाग 10 (अंतिम अध्याय, पूरा संस्करण)रात बहुत गहरी थी।आसमान पर काले बादल ऐसे टंगे थे मानो ...
अंधेरी गुफ़ा – भाग 9 : “अर्जुन का रूपांतरण”गाँव की सुबह उस दिन पहले जैसी नहीं थी।हवा में एक ...