महल की हवा अब और भी भारी हो चुकी थी। अरमान के जाने के बाद ऐशा अपने कमरे में ...
सूरज की पहली किरणें अभी क्षितिज पर उभरी भी नहीं थीं, लेकिन ऐशा की रूह कांप रही थी। महल ...
सुबह की पहली किरण ने अभी आसमान को छुआ भी नहीं था, लेकिन ऐशा की आँखों में नींद का ...
शहर की रफ़्तार थम चुकी थी, लेकिन आसमान अपनी पूरी ताकत से गरज रहा था। रात के 11 बज ...