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ધીરગંભીર - ૨

by Falguni Dost

મોહિતને કોઈ કુદરતી સંકેત મળ્યો હોય એમ અચાનક એનું મન શાંત થયું પણ વિચારો હજુ એના મનમાં એક પછી ...

અસ્તિત્વ - 16

by Falguni Dost
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અનુરાધાને જે ભય હતો એવું જ થયું. આસ્થાના મુખેથી અનિમેષ નામ સાંભળી એ શું કહે એજ ચિંતામાં એ પડી! ...

ધીરગંભીર - ૧

by Falguni Dost
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અમદાવાદ.. હા અમદાવાદના પોશ એરિયા સેટેલાઇટમાં દસ માળના ફલેટના ટોપ ફ્લોરની બાલ્કનીમાંથી દેખાતો સૂર્યોદય મોહિતના મનમાં કંઈક અલગ જ ...

अधूरापन - 30

by Falguni Dost
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अध्याय-३०अमृता सबके लिए मिल्कशेक्स बनाने गई। उसके पीछे-पीछे तुरंत हनी भी गई और बोली, "मम्मी! मुझे भी आपकी तरह ...

अधूरापन - 29

by Falguni Dost
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अध्याय-२९अमृता तीनों बेटियों के चेहरों की खुशी देखकर अतीत में खो गई थी। जब उसकी अपनी सगाई हुई थी, ...

अधूरापन - 28

by Falguni Dost
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अध्याय-२८रमेशभाईने जैसे ही बात की, सभी बड़ों ने कहा, "वाह! यह तो आपने बहुत सुंदर प्रस्ताव दिया है।" सबने ...

अधूरापन - 27

by Falguni Dost
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अध्याय-२७रमेशभाई ने तुरंत अमृता की बात का जवाब देते हुए कहा, "हाँ बेटा! मेरे ध्यान में कुछ युवक हैं। ...

अधूरापन - 26

by Falguni Dost
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अध्याय-२६राजेश ने अमृता को जो पिछली रात वचन दिया था, वह उस पर खरा उतरा। राजेश को पापा के ...

अधूरापन - 25

by Falguni Dost
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अध्याय-२५शोभाबहन की गैरमौजूदगी से परिवार धीरे-धीरे ढल रहा था। हाँ, उनकी कमी ज़रूर महसूस होती थी, लेकिन हनी और ...

अधूरापन - 24

by Falguni Dost
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अध्याय-२४शोभाबहन एकदम गुस्से में घर के गेट से बाहर निकल गईं और बहुत तेज़ी से चलने लगीं। घर के ...