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रिटायरमेंट

by Vandna Sharma

रिटायरमेंटप्रताप सिंह आज अपने आंगन में उदास लेटा था।आज उसकी रिटायरमेंट की पहली सुबह थी। जिस सुबह का उसे ...

घुंघट के पट खोल

by Vandna Sharma
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कहानी - घूँघट के पट खोलविजय नगर का रेलवे स्टेशन। नाम बड़ा था, पर स्टेशन बहुत छोटा। पूरे दिन ...

चिड़िया और पायल

by Vandna Sharma
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छोटे से शहर के बीचों-बीच एक राजकीय बालिका इंटर कॉलेज था। कहते हैं अंग्रेजों के जमाने में ये जेल ...

स्कूल की छुट्टी और बारिश

by Vandna Sharma
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अदिति किचन में जल्दी-जल्दी हाथ चला रही थी। दीवार घड़ी में एक बज रहा था। डेढ़ बजे अर्णव की ...

कुछ खास है

by Vandna Sharma
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कहानी - कुछ खास हैनेहा की ननद रीना आई थी। बस के लंबे सफर के बाद भी रीना इतनी ...

सर्वगुण संपन्न बहु चाहिए

by Vandna Sharma
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शारदा देवी अस्सी साल की थीं, पर उनकी कमर आज भी सीधी थी और आवाज में वही रौब था ...

खाली अलमारी का सुकून

by Vandna Sharma
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रविवार की सुबह थी। दिवाली पास थी, इसलिए कनु ने आज घर की बड़ी सफाई का मन बनाया था। ...

नन्ही चिड़िया

by Vandna Sharma
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रिया को लोग प्यार से 'नन्ही चिड़िया' कहते थे। अनाथ थी वह, माँ-बाप का साया बचपन में ही उठ ...

भाग्य

by Vandna Sharma
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कहानी - भाग्यसोहन एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में मैनेजर था। उसकी पत्नी सुधा, पढ़ी-लिखी, समझदार और सुलझे विचारों वाली ...

सादगी बनी मिसाल

by Vandna Sharma
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सादगीअनु कोई असाधारण नाम नहीं था, और वह खुद भी खुद को असाधारण नहीं मानती थी। वह एक साधारण ...