राठौर मेंशन का वह विशाल हॉल आज किसी प्राचीन मंदिर के गर्भगृह जैसा लग रहा था। हवा में जलते ...
"विराज... ओ विराज!"आवाज़ किसी दूर बज रहे पुराने रेडियो जैसी लग रही थी। विराज के कानों में एक अजीब ...
मंदिर की ठंडी सीढ़ियाँ उतरते समय रुद्रांश की देह का वजन जैसे हवा हो गया था। कल तक जो ...
उसने अपना दायां हाथ धीरे से उस पुराने बरगद के खुरदरे तने पर रखा। जिस जगह उसकी ठंडी उंगलियां ...
अतीत के घाव और वो तीन केलेबलुआ पत्थर की ठंडी सीढ़ियाँ रुद्रांश की रीढ़ में सिहरन पैदा कर रही ...
बरगद का साया और वो अक्सकॉलेज के आर्ट्स ब्लॉक के पीछे वाला वो हिस्सा हमेशा से थोड़ा मनहूस माना ...
लहू के आँसू और वो काली रातआज अमावस्या की बेहद डरावनी और काली रात थी। मध्य प्रदेश के एक ...
सौदे की ढाल, स्वाभिमान की तलवारहृदय का वह पेचीदा सचतभी डॉक्टर राउंड पर आए और कमरे का भारीपन भांपते ...
राठौर मेंशन के गेट से बाहर निकलते ही, आर्यन ने गाड़ी की खिड़की का शीशा थोड़ा नीचे कर लिया। ...
बाहर काव्या अपनी स्कूटी के पास खड़ी होकर बार-बार हॉर्न की कर्कश आवाज़ निकाल रही थी। उसकी आवाज़ में ...